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Showing posts from April, 2017

Nirbhay Raj Mishra

Nirbhay Raj Mishra

Nirbhay Raj Mishra

मित्रता बढ़ी न बढ़ी और द्वेष बढ़ गया गीत  उनके गुनगुनाते मैं तो आगे बढ़ गया वो समझ सके ना हमें, और हमारे मान को खुद को ही असत्य मान मैं तो सूली चढ़ गया