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Nirbhay Raj Mishra

मुक्तक


बहुत हँस जिया हूँ, इस जिंदगी में
तेरे सवालों से रो ना दू |
मत पूछ मुझसे यूं हर बात की वजह,
डरता हूँ बता तुझे खो ना दूँ |
                                               
                                                    -निर्भय राज मिश्रा

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Nirbhay Raj Mishra

Pathar ke sanam full song lyrics

                     पत्थर के सनम............. पत्थर के सनम तुझे हमने मोहब्बत का खुदा जाना पत्थर के सनम तुझे हमने मोहब्बत का खुदा जाना बड़ी भूल हुई अरे हमने ये क्या समझा ये क्या जाना पत्थर के सनम .................. चेहरा तेरा दिल में लिए चलते रहे अंगारों पे, तू हो कहीं, तू हो कहीं सजदे किए हमने तेरे रुखसारों पे, हम सा ना हो कोई दीवाना....... पत्थर के सनम तुझे हमने मोहब्बत का खुदा जाना पत्थर के सनम .................. सोचा था ये बढ जाएगी तनहाइयाँ जब रातों की, रस्ता हमें,रस्ता हमें दिखलाएगी शम-ए-वफ़ा उन हाथों की ठोकर लगी........ तब पहचाना........ पत्थर के सनम तुझे हमने मोहब्बत का खुदा जाना पत्थर के सनम .................. ऐ काश की होती खबर तूने किसे ठुकराया है शीशा नहीं,सागर नही मंदिर सा एक दिल द्वारा है का आसमां........... है विराना......... पत्थर के सनम तुझे हमने मोहब्बत का खुदा जाना बड़ी भूल हुई अरे हमने ये क्या समझा ये क्या जाना पत्थर के सनम ........

Nirbhay Raj Mishra

जब जिन्दगी में कुछ समझ ना आया, जब आपको लगने लगे की जिन्दगी में सब व्यर्थ है  तो समझ लेना की अब कुछ नया सीखने का वक्त आ गया है, और कुछ नया करने का वक्त है|